प्राचार्य का सन्देश

शुभ सन्देश : प्रबन्धक

इक्कीसवीं सदी को भारत की सदी बनाने के लिए सर्वाधिक आवश्यक है आधुनिक भारत का सर्वागींण विकास हो। जिसके मूल में भारत का शैक्षिक विकास है, बिना शैक्षिक उन्नयन के समाज में व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का उत्तम प्रदर्शन नहीं कर सकता है साथ ही राष्ट्र के निर्माण में उसका योगदान भी अधूरा रह जाता है।

राष्ट्र निर्माण हेतु शैक्षिक विकास के उदान्त भाव को हृदय में समेटे पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर क्षेत्र में स्थापित डॉ. कनक त्रिपाठी डिग्री कॉलेज छात्रों को सर्वोत्तम लक्ष्य चुनने एवं उसे प्राप्त करने का उचित आधार प्रदान कर रहा है ताकि इस क्षेत्र में छात्रों के जीवन में व्याप्त बुराईयां दूर हों और उनके शैक्षिक उत्थान द्वारा राष्ट्र के विकास में उनकी भूमिका को चरितार्थ किया जा सके। क्योंकि कहा गया है कि ‘‘सा विद्यााया विमुक्तयै’’ अर्थात विद्या वह होती है जो मुक्त करती है (अज्ञानता, अंधविश्वास, अशिक्षा इत्यादि अनेक दुर्गोणों को )जिसके फलस्वरूप छात्र नूतन सोच सृजनात्मकता एवं दृढ़ संकल्प के साथ समाज के प्रत्येक क्षेत्र में व्याप्त असीम सम्भावनाओं व अवसरों का लाभ उठा सकें।

डॉ. चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी
(प्रबन्धक)